अमरूद लगभग पूरे भारतवर्ष में पाया जाने वाला एक सर्वसुलभ एवं अति गुणकारी फल है, इसे कई बार गरीब लोगों का सेब भी कहा जाता है यह कथन पूर्णतः सत्य है, अमरूद कई मायनों में सेब फल से भी ज्यादा पौष्टिक होता है, आजकल बाजार में जाते ही लोग अंगूर, सेब, केला आदि फलों को ही प्रायः ज्यादा पौष्टिक मानकर खरीद लेते हैं, और अमरूद जैसे सामान्य एवं सस्ते फल को कम गुणकारी मानकर उसकी अवहेलना करते हैं, परंतु क्या आप कम मूल्य में आसानी से प्राप्त इस फल के असाधारण औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं, तो चलिए आज मैं आप लोगों को Amrud Khane Ke Fayde एवं नुकसान तथा उसके औषधीय गुणों के बारे में बताता हूँ।

Amrud Khane Ke Fayde एवं उसके पोषण संबंधी तथ्य-
अमरूद एक सामान्य एवं अति पौष्टिक फल है। आज मैं आपको इस लेख के द्वारा अमरूद खानें से होने वाले फायदे एवं नुक़सान तथा उसके पोषण संबंधी सभी तथ्यों को बताने का प्रयास करूंगा। अमरूद सामान्यतः लाल एवं पकने पर हल्का पीला रंग से युक्त हरे रंग का फल होता है, छिलके सहित संपूर्ण फल को खाया जाता है, इसका पेड़ 15 से 20 फुट ऊंचा होता है, इसका पत्ता 3 से 6 इंच लंबा होता है, जो छोटी-बड़ी टहनियों पर कहीं एक दूसरे से विपरीत दिशा में तो कहीं एक के बाद एक क्रम से लगे होते हैं यह कई शाखाओं से युक्त होता है, इसके फूल दूध जैसे सफेद एवं आकार में सामान्य होते हैं, इस पेड़ की छाल चिकनी होती है, इसका फल स्वाद में प्राय: मीठा, हल्का खट्टा एवं फीका दो अथवा तीन तरह का होता है। अमरूद के फल वर्ष में दो बार वर्षा ऋतु एवं शरद ऋतु में आते हैं, शरद ऋतु में लगने वाले अमरुद वर्षा ऋतु की अपेक्षा ज्यादा स्वादिष्ट एवं मीठे होते हैं, अमरूद के अंदर का गुदा कोई किस्म में लाल एवं सफेद दो रंगों में मिलता है, प्रायः सफेद गुदा वाले अमरुद के मुकाबले लाल गुदा वाले अमरूद ज्यादा पौष्टिक होते हैं, कुछ अमरूद बीजों से युक्त एवं कुछ बीजों से रहित भी होते हैं, अमरूद के जड़ तथा छाल में टेनिक नामक अम्ल काफी मात्रा में रहता है थोड़ी मात्रा में इसमें calcium oxalate के crystal भी मौजूद रहते हैं। इसके पत्तों में टेनिन, उडनशील तेल, राल, खनिज लवण, आदि होता है। इसके अतिरिक्त फास्फोरिक अम्ल सत्व के साथ लाइम एवं मैंगनीज भी विद्यमान रहता हैं, अमरूद में Vitamin B एवं C दोनों पाए जाते हैं।
अमरूद में मौजूद पोषक तत्व – nutrients present in guava
अमरूद में हमारे शरीर के लिए आवश्यक कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है। जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो चलिए इसके बारे मे जानें-
प्रति 100 ग्राम अमरूद से हमें 68 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।

अमरूद खानें से होने वाले फायदे और नुकसान- Advantages and Disadvantages of Eating Guava
आयुर्वेद के अनुसार अमरूद खानें से फायदे कई सारे है जैसे-
- यह हमारे भोजन की रुचि को बढ़ाने वाला होता है।
- शुक्रवर्द्धक होता है, इसके बढ़ने से शरीर में बल-वीर्य बृद्धि होती है जिससे हमरा शरीर पुष्ट होता है।
- प्यास का शमन करने वाला होता है।
- हृदय की माँसपेशिओं को बल प्रदान करने वाला होता है।
- पेट के कृमिनाशक, हमारे आंतों (Small and Large Intestine) तथा पेट (Stomach) में मौजुद कई प्रकार के हानिकारक worms का नाश करके हमारे शरीर को स्वस्थ रखता हैं।
- वमन (vomiting) को ठीक करता है।
- रेचक व कफ का नाशक होता है।

दोस्तों Amrud Khane Ke Fayde के साथ-साथ कुछ नुकसान भी है जो इस प्रकार है-
- अमरूद का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हमारा पाचन-तंत्र कमजोर हो जाता है जिसके कारण बदहजमी, गैस की समस्या होकर पेट में सूजन हो जाती है।
- ज्यादा दिनों तक लगातार सेवन करने से मोटापे में भी वृद्धि हो सकता है।
- गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन किसी योग्य चिकित्सक के सलाह पर ही करना चाहिए क्योंकि अमरूद के सेवन करने से उनको दस्त की शिकायत हो सकती है।
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अमरूद के पत्ते के फायदे और नुकसान-
1. फायदे
- अमरूद के पत्ते हमारे शरीर में बढ़ते हुए वजन को कम करने में हमारी सहायता करते हैं, जिससे हमारा मोटापा कम होता है तथा शरीर चुस्त एवं तंदुरुस्त रहता है, यह शरीर में बनने वाले complex starch को शर्करा(sugar) में परिवर्तन होने से रोकता है, जिसके कारण हमारे शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।
- अमरूद के नए तथा कोमल पत्तों को पीसकर उसमें थोड़ी शक्कर मिलाकर सुबह एक हफ्ते तक पीने से बदहजमी ठीक होने लगता है।
- अमरूद के पत्तों का काढ़ा बनाकर सेवन करने से cholera (हैजा) के शुरुआती अवस्था में लाभ मिलता है।
- यदि किसी को उल्टी (vomiting) हो रही हो तो अमरूद के पत्तों का काढ़ा 10 से 15 ml की मात्रा में रोगी को पिलाने से उल्टी होना बंद होकर ठीक हो जाता है।
- अमरूद के पत्तों को पीसकर यदि गठिया (gout) में दर्द वाले स्थान पर इसका लेप लगाया जाए तो गठिया (gout) के दर्द में लाभ होता है।
- यदि किसी को खूब तेज दस्त हो रहे हो जिसके कारण (anal prolapse) गुदभ्रंश हो गया हो तो अमरूद के ताजे एवं कोमल पत्तों को पीसकर इसका पुल्टिस बनाकर गुदाद्वार पर बांधने से शोथ कम होकर गुदा (anus) अंदर की तरफ बैठ जाती है जिससे रोगी को आराम मिलता है।
- अमरूद के पत्ते का उपयोग मधुमेह (diabetes) को ठीक करने में तथा शरीर में कहीं पर भी होने वाली घाव (wound) भरने में भी किया जाता है।

2. नुकसान
यदि हम अमरूद के पत्तों का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो इसके कुछ नुक़सान भी हमें देखने को मिलते है, तो चलिए इससे होने वाले Side Effects के बारे में भी जानें-
- अमरूद के पत्तों का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हमारे शरीर की पाचन-शक्ति कम होने लगती है।
- इसके ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हमारे पेट में गैस बनने लगता है, जिसके कारण कुछ लोगों को उल्टी एवं दस्त की हो सकता हैं।
अतः इसके पत्तों का सेवन सोच-समझकर एवं किसी जानकार एवं अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक के सलाह पर करना चाहिए।
लाल अमरूद के फायदे-
दोस्तों अभी तक मैनें अमरूद के सामान्य किस्म के फायदे के बारे में आपको बताया अब मैं इस लेख में आपको अमरूद की एक किस्म लाल अमरूद के फायदे के बारे में बताता हूं। अमरूद काफी पौष्टिक होता है, यह दो प्रकार का होता है सफेद गुदा वाला एवं लाल गुदा वाला अमरूद, सफेद गुदा वाले अमरूद के मुकाबले लाल गुदा वाले अमरूद ज्यादा पौष्टिक होता है। इसमें विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर के पाचन-तंत्र को मजबूती प्रदान करके हमारे शरीर को कई तरह के बीमारियों से बचाता है।

लाल अमरूद के सेवन से हमारे immune system(रोग प्रतिरोधक क्षमता ) में वृद्धि होती है, जिससे जलवायु परिवर्तन से होने वाले बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम एवं खांसी से हमें दूर रखता है, इसके सेवन से हमारे शरीर में आयरन (लौह तत्व) की कमी को दूर किया जा सकता है, लाल अमरूद को खाने से हमारे शरीर में कई बीमारियों को जन्म देने वाली “कब्ज” जैसे कठिन रोग से यह हमें मुक्ति प्रदान करता है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। इसके सेवन से पेट की कई बीमारियां जैसे अतिसार (diarrhea), हैजा (cholera) आदि रोग में लाभ होता है, यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है जिससे हमारा ह्रदय स्वास्थ्य रहता है।
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कच्चे अमरूद खाने के फायदे-
कच्चे अमरूद खाने के फायदे कई सारे है, यह हमारे शरीर के चयापचय क्रिया अर्थात् metabolism को बढ़ाने का काम करता है जिसके कारण यह शरीर के वजन को घटाने में हमारी मदद करता है हमारे शरीर का मोटापा कम होता है। कच्चे अमरूद में vitamin B एवं C पाया जाता है।
कच्चे अमरूद में कई अन्य फलों के मुकाबले शुगर कैलोरी भी काफी कम होती है, रोज नियमित रूप से कच्चे अमरूद के सेवन करने से कब्ज की समस्या को ठीक किया जा सकता है। यह शरीर की पाचन-क्रिया को बढ़ाता है, इसके सेवन से बवासीर जैसी कष्ट दायी बीमारी भी ठीक हो जाती है, चूंकि इसकी प्रकृति ठंडी होती है अतः इसको खाने से हमारे पेट में होने वाली जलन को यह शांत करता है।
खाली पेट अमरूद खाने के फायदे और नुकसान-
अमरूद एक सस्ता एवं सर्व सुलभ फल है लेकिन पौष्टिकता में यह महंगे फलों को भी मात देता है। यह हमारे शरीर के लिए अत्यंत गुणकारी फल है प्रत्येक दिन सुबह खाली पेट अमरूद खाने से हमें कौन-कौन से लाभ होते है चलिए जानते है –
- इसके सेवन से हमें कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।
- कम मात्रा में इसका सेवन करने से हमारा पाचन-तंत्र ठीक रहता है पेट में गैस, बदहजमी की शिकायत दूर हो जाती है
- लाल अमरूद में कई तरह के महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, Vitamin A, B एवं C, आहारिय फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस एवं आयरन आदि पाए जाते हैं जो हमें स्वस्थ रखने में हमारी सहायता करते हैं।
खाली पेट अमरूद खाने के कुछ नुकसान भी होते हैं। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से-
- पेट में गैस बनने लगती है।
- पेट फूलने की शिकायत हो जाती है, जिससे हमारा पाचन तंत्र प्रभावित होता है।
इसका सेवन मधुमेह के रोगियों को सावधानी से एवं किसी चिकित्सक की सलाह से करनी चाहिए तथा अपने रक्त की जांच नियमित रूप से कराते रहना चाहिए।
अमरूद के औषधीय गुण-
मेरे प्यारे दोस्तों अमरूद खाने में जितना स्वादिष्ट एवं पोष्टिक होता है उससे कहीं ज्यादा इसमें औषधीय गुण मौजुद है। अमरूद एवं इसके पत्ते कई तरह की बिमारियों को ठीक करने में हमारी सहायता करता है। तो चलिए हम अमरूद तथा अमरूद के पत्तों के सेवन से कौन-कौन सी बिमारियों को ठीक करने में हमें सहायता मिलती है इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं-
- अमरूद का सेवन करने से हमारे शरीर की पाचन-क्रिया ठीक होती है तथा भूख बढ़ती है।
- अमरूद हमारे शरीर के बल को बढ़ाता है, इसको खाने से हमारा मन प्रसन्न होता है, तथा यह मस्तिष्क को बल प्रदान करता है।
- Dysentery(पेचिश) की बीमारी में मीठा पका हुआ अमरूद खाने से पेचिश ठीक हो जाता है।
- अमरूद का सेवन नियमित रूप से करने पर बवासीर जैसी कष्टदायी बीमारी भी ठीक हो जाती है।
- अमरूद की तासीर ठंडी होने के कारण यह पेट में होने वाली जलन को शांत करता है।
- रोज एक अमरुद सुबह खाली पेट अथवा खाने के 1 घंटे बाद सेवन करने से पुराने से पुराना कब्ज की समस्या भी धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।
- अमरूद खाने से हमारी Immune System (रोग प्रतिरोधक क्षमता) में वृद्धि होती है जिससे हम सर्दी जुकाम एवं खांसी से दूर रहते हैं।
- अमरूद के सेवन से हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है जिसके कारण हमारा ह्रदय(Heart) स्वस्थ रहता है।
- यदि भांग खाने से नशा ज्यादा हो गया हो तो उसका नशा उतारने के लिए अमरूद के पत्तों का काढ़ा पिलाने से नशा तुरंत उतर जाता है।
- पेट संबंधी कई बीमारियों जैसे Diarrhea(अतिसार), Cholera(हैजा), Dysentery(पेचिश), आदि बीमारियों में अमरूद का फल तथा अमरूद के पत्तों का सेवन काफी लाभदायक होता है।
- दाँतों में होने वाले दर्द एवं मुंह के छालों के लिए अमरूद के पत्तों को दांतो से चबानें अथवा उसका काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है। इस प्रयोग को दिन में दो बार कुछ दिनों तक करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।
- अमरूद के पत्तों को पीसकर यदि गठिया(Gout) की बीमारी में दर्द वाले स्थान पर इसका लेप लगाया जाए तथा उस स्थान को किसी कपड़े से बांध कर रखें तो कुछ देर बाद दर्द कम हो कर आराम मिलता है।
- यदि किसी व्यक्ति को उल्टी(Vomiting) होने की शिकायत हो तो उसे अमरूद के पत्तों का काढ़ा बनाकर पिला दे इससे उल्टी(Vomiting) होना बंद हो जाता है।
- यदि किसी को गुदाभ्रंश(Anal prolapse) रोग हो गया हो तो अमरूद के कोमल पत्तों को पीसकर इसका पुल्टिस बनाकर गुदाद्वार पर बांधने से गुदाभ्रंश रोग ठीक हो जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)-
मेरे प्यारे दोस्तों अमरूद फल के विषय पर आपने इस Post को पढ़ा,आपने अपना अति महत्वपूर्ण समय इस लेख को पढ़ने के लिए दिया इसके लिए धन्यवाद, इस लेख में मैंने Amrud Khane Ke Fayde एवं नुकसान के बारे में उन सारे विषयों का समावेश करने की कोशिश किया है जो आपके मन में प्रायः प्रश्न के रूप में उठता होगा आशा करता हूं आपके उन सारे प्रश्नों का जवाब मिल गया होगा जिनका उत्तर आप खोज रहे थे। मुझे विश्वास है की अमरूद के विषय में इन सारी जानकारियों को पा करके तथा उनका उपयोग करके आपको कई सारे फायदे अवश्य होंगे। मेरे द्वारा बताए गए अमरूद विषय पर इन जानकारियों तथा नुस्खों को अपने प्रति दिन की जिंदगी में होने वाले रोगों से लड़ने के लिए आप इन नुस्खों का उपयोग कर सकते हैं परंतु आप लोगों से एक अनुरोध है कि इन उसको का उपयोग करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
अस्वीकरण-
इस लेख में दिए गए नुस्खों को केवल जानकारी एवं ज्ञानवर्धन हेतु लिखा गया है। इन नुस्खों का कोई भी Side Effect (हानिकारक प्रभाव) नहीं है, फिर भी पाठकों से आग्रह है कि इन्हें प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। इससे यदि किसी पाठक को कोई भी एवं किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो healthy duniya 78 जिम्मेदार नहीं होगा।
Frequently Asked Questions(FAQ)
(1) 1 दिन में कितना अमरूद खाना चाहिए?
उत्तर – आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एवं आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार 1 दिन में हमें एक अथवा दो से अधिक अमरूद का सेवन नहीं करना चाहिए। वैसे अमरूद बहुत ही पौष्टिक फल है परंतु महापुरुषों ने कहा है “अति सर्वत्र वर्जयेत्” (पूर्ण श्लोक – ” अतिरूपेण वै सीता अतिगर्वेण रावण: । अतिदानाद् बलिर्बद्धो ह्यति सर्वत्र वर्जयेत् ।।” ) ठीक यही बात अमरूद पर भी लागू होता है अमरूद का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हमारा पाचन संस्थान कमजोर हो जाता है जिसके कारण पेट में बदहजमी होकर गैस की समस्या तथा पेट में सूजन हो जाती है ज्यादा दिनों तक लगातार अमरूद का सेवन करने से मोटापे में भी वृद्धि हो सकता है।
(2) अमरूद कब नहीं खाना चाहिए?
उत्तर- जिन लोगों को पेट में गैस बनने की समस्या हो उन्हें अमरूद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से उनके पेट में गैस बनने की समस्या में वृद्धि होगी। गर्भवती महिलाओं को भी अमरूद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से उन्हें दस्त की समस्या हो सकती है। अमरूद में Vitamin C, फ्रुक्टोज एवं फाइबर काफी मात्रा में मौजूद रहता है, जिनका अवशोषण होने में हमारे शरीर में काफी समय लगता है, जिसके कारण अमरूद के सेवन से पेट में गैस बनने की समस्या गर्भवती महिलाओं को दस्त की शिकायत हो जाती है। अतः पेट की समस्या से ग्रस्त रोगी एवं गर्भवती महिलाएं अमरूद खाने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
(3) अमरूद किसे नहीं खाना चाहिए?
उत्तर- आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार मधुमेह (Diabetes) के रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए अगर अमरूद का सेवन करना हो तो चिकित्सक की सलाह लें तथा अपनी ब्लड शुगर की जांच अवश्य कराते रहें। किसी भी प्रकार की सर्जरी होने पर अमरूद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि अमरूद खाने से रक्त में ब्लड शुगर की मात्रा कम हो जाती है इसके कारण सर्जिकल प्रक्रिया में बाधा पहुंच सकता है। अतः सर्जरी के 15 दिन पहले से अमरूद का सेवन बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों के पेट में गैस बनने की समस्या हो उन्हें अमरूद का सेवन सोच समझकर तथा चिकित्सक के सलाह पर करना चाहिए।
(4) रोज एक अमरूद खाने से क्या होता है?
उत्तर- अमरूद कब्ज की भयंकर समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लिए रामबाण औषधि है। रोज दोपहर में खाने के 2 घंटे बाद एक अमरूद यदि नित्य कुछ दिनों तक सेवन किया जाए तो कब्ज जैसी बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। रोज एक अमरूद खाने के अनेक फायदे हैं, जैसे इसमें मौजूद पोषक तत्व हमारे ह्रदय (Heart) को स्वस्थ रखता है जिससे हमें ह्रदय रोग (Heart disease) होने का खतरा कम हो जाता है इसके सेवन से हमारी आंतें (small एवं large intestine) तंदुरुस्त होती है तथा दस्त ठीक होता है। सुबह नाश्ते के समय रोज एक अमरूद थोड़ी सी साधारण नमक, अदरक तथा काली मिर्च के साथ सेवन करने से गैस, बदहजमी, खट्टी डकार एवं मंदाग्नि (भूख की कमी) ठीक होकर भूख बढ़ जाती है। अमरूद में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट हमारी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है इससे हमारी त्वचा स्वस्थ होकर चमकने लगती है।
(5) अमरूद की तासीर क्या होती है?
उत्तर- अमरूद की तासीर ठंडी होती है। इसीलिए कफ प्रवृत्ति वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह त्वचा के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है, इसके सेवन से त्वचा की जलन शांत होती है। यह कब्ज के लिए रामबाण औषधि है, इसके अलावा यह पेट की कई बीमारियों एवं पेट की जलन को भी शांत करता है।
(6) अमरूद में कौन से विटामिन पाए जाते हैं?
उत्तर- अमरूद आहारिय फाइबर तथा Vitamin C का सबसे अच्छा स्रोत है, इसके अलावा इसमें Vitamin A, B6 एवं K भी पाया जाता है। इसमें फोलेट, नियासिन, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, जिंक, कॉपर, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, भी थोड़ी मात्रा में पाया जाता है।
(7) भारत में सबसे अच्छा अमरूद कौन-सा है?
उत्तर- भारत में अमरूद की कई किस्में मौजूद है जिनमें सरदार एल -49, इलाहाबाद सफेदा, पंजाब पिंक, पंत प्रभात, ललित, सबसे अच्छे अमरूद के किसने है।
(8) सबसे अच्छा अमरूद कौन सा होता है?
उत्तर- भारत में सबसे अच्छे अमरूद की किस्में है- सरदार एल – 49, पंजाब पिंक, इलाहाबाद सफेदा, लाल गुदेवाला, चित्तीदार, अमरूद सेब, करेला, पंत प्रभात, ललित, सबसे अच्छे अमरूद में से हैं।
(9) क्या अमरूद खाने से गैस बनता है?
उत्तर- जी हां यदि आपकी पाचन- शक्ति ठीक नहीं है, तो ज्यादा मात्रा में अमरूद का सेवन ना करें क्योंकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट में गैस बनता है, जिससे पेट में सूजन तथा पेट फूलने की शिकायत हो सकती है। प्रतिदिन एक या दो से ज्यादा अमरूद का सेवन नहीं करें, दोपहर में भोजन के ठीक 2 घंटे बाद दांतो से चबाकर खा सकते हैं, इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।
(10) अमरूद के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?
उत्तर- अमरूद खाने के तुरंत बाद पानी एवं दूध कभी नहीं पीना चाहिए तथा दूध से बनी हुई चीजें जैसे मिठाई, रसगुल्ले आदि का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि अमरूद खाने के तुरंत बाद पानी पीने से पेट में बनने वाला पाचक रस पतला हो जाता है, जिसके कारण यह पूरी तरह से हजम नहीं हो पाता है तथा बदहजमी एवं गैस का कारण बनता है। वैसे किसी भी फल को खाने के बाद या भोजन करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। जहां तक दूध एवं उससे बनी चीजें खाने की बात है, तो अमरूद के साथ अथवा खाने के तुरंत बाद में इसके सेवन से पेट में गैस बनकर बाद में दस्त (loose motion) का कारण बनता है।
(11) अमरूद खाने का सही समय क्या है?
उत्तर- आयुर्वेद के अनुसार अमरूद खाने का सही समय दोपहर को खाना खाने के 2 घंटे बाद अमरूद का सेवन कर सकते हैं, इस समय अमरूद खाने से हमारा पाचन-तंत्र मजबूत होता है तथा कब्ज से हमें राहत मिलता है। कई चिकित्सक अमरूद को सुबह नाश्ते के समय खाली पेट इसे खाने की सलाह देते हैं जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है। अमरूद शाम 6 बजे के बाद खाने से परहेज करना चाहिए।
(12) अमरूद को ताजा कैसे रखें?
उत्तर- आपने देखा होगा अमरूद को बाजार से खरीद कर जैसे ही हम अपने घर पर लेकर आते हैं तो वह 2 से 3 दिनों के अंदर खराब होने लगता है अमरूद को कई दिनों तक ताजा रखने के लिए आज हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिसे अपनाकर आप अपने घरों में काफी दिनों तक अमरूद को ताजा रख सकते हैं तो चलिए इन टिप्स के बारे में जानें –
जब भी आप बाजार से अमरूद खरीद कर घर में लावे तो जहां तक हो सके पूरे पके हुए पीले अमरूद ना खरीदें यह अमरूद जल्दी खराब होकर सड़ने लगते हैं।
अमरुद को काटकर अथवा साबुत ही फ्रिज में ना रखें क्योंकि फ्रिज में रखने पर कुछ दिनों में ही इसकी छिलकों की नमी सूख जाती है तथा फल कठोर होकर अंदर से सूखने लगता है और अंत में खराब हो जाता है।
अमरुद को कभी भी नींबू जातिय फलों जैसे संतरा, नींबू आदि के साथ ना रखें क्योंकि इन फलों के साथ रखने से अमरुद जल्दी ही खराब हो जाता है।
अमरुद को कभी भी प्लास्टिक की थैली अर्थात् पॉलिथीन में ना रखें क्योंकि पॉलिथीन के अंदर की हवा में स्थित नमी से अमरूद जल्द खराब हो जाता है क्योंकि अमरुद ताजी हवा के संपर्क में नहीं होता है इसीलिए वह खराब हो जाता है।
अमरुद को किसी पेपर अथवा एलुमिनियम के foil से लपेट कर किसी हल्की ठंडी जगह पर रख सकते हैं जिससे वह ज्यादा दिनों तक ताजा रहता है।
(13) अमरुद खाकर पानी पीने से क्या होता है?
उत्तर- आयुर्वेद के अनुसार कुछ भी खाने अथवा भोजन करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे हमारा पाचन-तंत्र कमजोर होता है, ठीक यही बात अमरुद जैसे सभी फलों पर लागू होता है, अमरुद खाकर पानी पीने से हमारे पाचन-तंत्र में बनने वाला पाचक रस पतला हो जाता है, यह अमरुद को ठीक से पहचान नहीं पाता है जिसके कारण हमें बदहजमी, गैस, खट्टी डकारें होती है तथा अंत में इसका परिणाम दस्त के रूप में सामने आता है।
(14) क्या अमरुद सर्दी का कारण बनता है?
उत्तर- अमरूद सर्दी-खांसी को ठीक करने का काम करता है, अमरुद में आयरन (लौह तत्व) एवं विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, यह पोषक तत्व अमरूद के पत्तों में भी मौजूद रहता है। अमरूद खाने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (immune system) मजबूत होती है सर्दी-खांसी में अधिक पके हुए अमरुद नहीं खाने चाहिए इसके स्थान पर कच्चे अमरूद तथा इसके पत्तों का सेवन किया जा सकता है, कच्चा अमरुद कफ का नाशक होता है अतः सर्दी-खांसी में अधिक पके हुए अमरूद को छोड़कर कच्चे अमरूद खाने चाहिए।
(15) घर में अमरूद का पेड़ होने से क्या होता है?
उत्तर- भारतीय ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र के अनुसार अमरूद का पेड़ उन कुछेक शुभ फलदार पेड़ों में से एक है जिन्हें आप अपने घर के आंगन में अथवा आसपास में लगा सकते हैं। हमारे घर में इसके कारण सकारात्मकता बढ़ती है, निसंतान लोगों के लिए यह वरदान से कम नहीं है घर के आंगन में या आसपास इस पेड़ के होने से यह संतान प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है। सुबह सोकर उठने के बाद अमरूद के पेड़ का दर्शन काफी शुभ फलदाई होता है। स्वस्थ के दृष्टिकोण से देखने पर भी यह “गरीब लोगों का सेब” के नाम से जाना जाता है लगभग पूरा पेड़ ही कई प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के काम आता है। अतः अपने आसपास अमरूद का पेड़ अवश्य लगावे।
(16) अमरूद के पत्ते खाने से क्या फायदा होता है?
उत्तर- अमरूद के पत्ते हमारे कई तरह की बीमारियों को ठीक करने के काम आता है जैसे-
- अमरूद के पत्ते हमारे शरीर में बढ़ते हुए वजन को कम करने में हमारी सहायता करते हैं यह हमारे हमारे शरीर में बनने वाले Complex starch को शर्करा में परिवर्तन होने से रोकता है इसके कारण हमारा वजन नियंत्रित रहता है और हम चुस्त एवं तंदुरुस्त रहते हैं।
- अमरूद के नए पत्तों को थोड़ी शक्कर के साथ मिलाकर खाने से बदहजमी ठीक होती है।
- अमरूद के पत्तों का काढ़ा बनाकर यदि कुल्ला करते हैं तो मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
- इसके पत्ते हमारे पेट के कई तरह की बीमारियों को ठीक करने में हमारी मदद करते हैं।
(17) क्या कीड़े के साथ अमरूद खाना ठीक है?
उत्तर- प्राय: अमरुद जैसे फलों में फल मक्खी का प्रकोप ज्यादा देखा जाता है, अमरूद के फल में इसका ही लार्वा कीड़े के रूप में रहता है जो अंदर से फल को सड़ा देता है। यदि हम इन कीड़े लगे फलों का सेवन करते हैं तो हमें फूड पॉइजनिंग हो सकता है जिससे हमें उल्टी एवं दस्त की शिकायत हो सकती है, अतः जहां तक हो सके कीड़े लगे हुए अमरूद के फल को नहीं खाना चाहिए अगर खाना बहुत जरूरी है तो कीड़े लगे हुए भाग को काटकर बाकी फल को अच्छी तरह धो करके ही खाना चाहिए।
(18) सर्दियों में अमरूद खाने से क्या होता है?
उत्तर- अमरूद काशी पौष्टिक फल है इसकी पैदावार सर्दियों के मौसम में ज्यादा होती है इस मौसम में अमृत वर्षा ऋतु की अपेक्षा ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं प्रतिदिन एक या दो अमरूद का सेवन सुबह नाश्ते के समय अथवा दोपहर भोजन से 2 घंटा बाद करने से हमारा पाचन तंत्र मजबूत बनता है एवं हमारा वजन नियंत्रित रहता है तथा कब्ज से हमें राहत मिलता है।
(19) क्या अमरूद के साथ दूध पी सकते हैं?
उत्तर- अमरूद के साथ दूध कभी भी नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे अमरुद ठीक से हजम नहीं होता है, और बदहजमी होकर पेट में गैस बनता है फिर खट्टी डकारें, सीने में जलन और अंत में दस्त (lose motion) भी हो सकता है।
(20) भारत में सबसे ज्यादा अमरूद कहां होता है?
उत्तर- पूरे भारत में बड़े पैमाने पर अमरूद का उत्पादन किया जाता है देश में कुल अमरुद उत्पादन का 60% हिस्सा अकेले राजस्थान राज्य से आता है। राजस्थान के सवाई माधवपुर जिला में विशेषरुप से अमरूद की सघन खेती होती है, यहां के अमरुद बागानों से पूरे राजस्थान राज्य का 70% से 80% अमरूद का उत्पादन अकेले सवाई माधोपुर जिला से प्राप्त होता है।
(21) विश्व में सबसे ज्यादा अमरूद कहां होता है?
उत्तर- विश्व में सबसे ज्यादा अमरूद भारत में पैदा होता है। साल 2019 में पूरे विश्व में अमरूद का कुल उत्पादन 55 मिलियन टन था। इसमें अकेले भारत में अमरूद का कुल उत्पादन 46.6 लाख मैट्रिक टन था जो पूरे विश्व के अमरुद उत्पादन का 45% है।
(22) अमरूद में कितना प्रोटीन होता है?
उत्तर- अमरुद बहुत ही पौष्टिक फल है प्रति 100 ग्राम अमरूद में प्रोटीन की मात्रा 2.6 ग्राम होता है।
(23) अमरूद का कुल कौन सा है?
उत्तर- अमरूद मिटसी कुल का फल है, यह एक फलदार वृक्ष है इस का वनस्पतिक नाम सीडियम ग्वायवा है इसकी जाति ग्वायवा है तथा यह सीडियम प्रजाति का है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी उत्पत्ति वेस्ट इंडीज से हुई है।
(24) अमरूद का पौधा कितने दिनों में फल देता है?
उत्तर- अमरुद के पौधे में इसकी रोपाई के लगभग 3 वर्ष बाद फल आने शुरू हो जाते हैं इसके फल वर्ष में दो बार वर्षा ऋतु एवं शरद ऋतु में आते हैं, परंतु वर्षा ऋतु के अपेक्षा शरद ऋतु में लगने वाले फल ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं, अमरूद के पेड़ में फूल आने के 120 से 140 दिन बाद इसमें लगने वाले फल पक जाते हैं, जब इसका रंग हल्का पीला हो जाता है तब अमरूद की तुड़ाई कर लेनी चाहिए, भारत के दक्षिणी भागों में इसके फल वर्ष में तीन बार आते है।
(25) अमरूद का पेड़ कैसा होता है?
उत्तर- अमरूद का पेड़ विश्व के कई देशों में सफलतापूर्वक उगाया जाता है, वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी उत्पत्ति सर्वप्रथम वेस्टइंडीज तथा दक्षिण अमेरिका के कई देशों में हुई है। भारतवर्ष में यह 17वीं शताब्दी में विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा लाया गया था, धीरे-धीरे यह हमारे देश में ऐसा घुल मिल गया कि अब लगता ही नहीं है कि यह विदेशी फल है, हमारे देश में लगभग सभी राज्यों में आसानी से उगाया जाता है यह लगभग सभी प्रकार की मिट्टियों में उग जाता है। इसका पेड़ 15 से 20 फुट ऊंचा होता है, अमरूद की पत्तियां 3 से 6 इंच लंबी होती है जो छोटी-बड़ी टहनियों पर कहीं एक-दूसरे से विपरीत दिशा में तो कहीं एक के बाद एक क्रम से लगे होते हैं। यह कई शाखाओं से युक्त होता है अमरूद के फूल दूध जैसे सफेद एवं आकार में सामान्य होते हैं जो बड़े ही सुंदर दिखते हैं, इस पेड़ की छाल चिकनी होती है, इसकी पत्तियां गहरी हरे रंग की मध्यम आकार के मध्य भाग में थोड़ी-सी चौड़ी तथा अंत में गोलाई युक्त हल्की-सी नुकीली होती है। इस पेड़ में लगने वाला फल अत्यंत पौष्टिक एवं स्वाद में मीठा हल्का खट्टा एवं फीका दो अथवा तीन तरह का होता है, अमरूद का फल उत्तर भारत के बागानों में वर्ष में दो बार वर्षा ऋतु एवं शरद ऋतु में आते हैं, वहीं दक्षिण भारत में कहीं-कहीं वर्ष में तीन बार फल आते हैं। शरद ऋतु में लगने वाले अमरुद वर्षा ऋतु की अपेक्षा ज्यादा स्वादिष्ट एवं मीठे होते हैं। अमरूद के अंदर का गुदा किसी किस्म में लाल तथा किसी में सफेद दो रंगों में मिलता है, अमरूद के कई किस्में बाजार में मौजूद हैं जिनमें इलाहाबाद सफेदा, सरदार एल-49, पंत प्रभात, ललित, पंजाब पिंक, अमरूद सेब, लाल गुदेवाला आदि प्रमुख है।